“अकेले एक आवाज़ गूँज होती है, पर जब कई मन मिल जाएं तो वह लोक-संगीत बन जाती है। मिलिए उन रचनाकारों और संरक्षकों से जो ‘काली कुमाऊं’ के इस कारवां को आगे बढ़ा रहे हैं।”



“अकेले एक आवाज़ गूँज होती है, पर जब कई मन मिल जाएं तो वह लोक-संगीत बन जाती है। मिलिए उन रचनाकारों और संरक्षकों से जो ‘काली कुमाऊं’ के इस कारवां को आगे बढ़ा रहे हैं।”


